अमृतसर, 15 जून
अमृतसर जिला अदालत ने शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को एक मामले में अंतरिम जमानत प्रदान की है। यह मामला थाना मजीठा से अकाली कार्यकर्ता जोबन प्रीत सिंह को कथित रूप से छुड़ाकर ले जाने से जुड़ा हुआ है।
सुनवाई के दौरान अदालत में पुलिस की ओर से सीसीटीवी फुटेज पेश न किए जाने को लेकर भी सवाल उठे। पुलिस ने आरोप लगाया था कि मजीठिया और उनके समर्थक थाने पहुंचे थे, जहां उन्होंने हंगामा किया और हिरासत में लिए गए व्यक्ति को जबरन छुड़ाकर ले गए। पुलिस ने यह भी दावा किया कि इस दौरान सरकारी कार्य में बाधा डाली गई और एक पुलिसकर्मी का मोबाइल छीनने की कोशिश की गई।
वहीं बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि बिक्रम सिंह मजीठिया और उनके साथी केवल एक व्यक्ति की गिरफ्तारी से जुड़ी जानकारी लेने थाने गए थे और वे संबंधित दस्तावेज दिखाने की मांग कर रहे थे। बचाव पक्ष के अनुसार यह मामला राजनीतिक विवाद से प्रेरित है और लगाए गए आरोप तथ्यों से मेल नहीं खाते।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने बिक्रम सिंह मजीठिया को अंतरिम जमानत दे दी है।