चंडीगढ़, 22 जुलाई
पंजाब सरकार ने शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए सरकारी स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित पाठ्यक्रम लागू करने की घोषणा की है। स्कूल शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि गुरुवार से राज्य के सरकारी स्कूलों में पहली से 12वीं कक्षा तक एआई को कोर विषय के रूप में पढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही अगले 15 दिनों के भीतर नई पाठ्यपुस्तकें भी विद्यार्थियों तक पहुंचा दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि अब पंजाब के छात्र भी चीन और दक्षिण कोरिया जैसे देशों के विद्यार्थियों की तरह आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा प्राप्त करेंगे।
हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि दुनिया के कई देशों में स्कूल स्तर पर एआई शिक्षा को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। चीन पहले ही प्राथमिक कक्षाओं से इस विषय को लागू कर चुका है और अब पंजाब भी इस दिशा में अग्रणी राज्य बनने जा रहा है। उन्होंने कहा कि तकनीक तेजी से बदल रही है, इसलिए एआई पाठ्यक्रम को हर छह महीने में अपडेट किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को नवीनतम जानकारी मिलती रहे। इसके अलावा छात्रों के लिए लाइव ऑनलाइन कक्षाओं और शिक्षकों के नियमित प्रशिक्षण की भी व्यवस्था की जाएगी।
सरकार के अनुसार, कक्षा पहली से पांचवीं तक बच्चों को एआई के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग की बुनियादी जानकारी दी जाएगी। वहीं छठी से 12वीं तक के विद्यार्थियों को फाउंडेशन एआई, एआई स्किल्स, इनोवेशन स्किल्स और तकनीक के व्यावहारिक उपयोग से जुड़ी शिक्षा दी जाएगी। पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र भी प्रदान किया जाएगा, जिससे उन्हें भविष्य में उच्च शिक्षा और रोजगार के अवसरों में लाभ मिल सके।
इस कार्यक्रम में मौजूद दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में केवल रटने की आदत से काम नहीं चलेगा, बल्कि छात्रों में सवाल पूछने, तर्क करने और समझ विकसित करने की क्षमता होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि एआई का उपयोग शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने और पेपर लीक जैसी समस्याओं पर अंकुश लगाने के लिए भी किया जा सकता है।
हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि पंजाब सरकार बच्चों को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने के लिए लगातार नई पहल कर रही है। उन्होंने कहा कि एआई के आने से कुछ पारंपरिक नौकरियों का स्वरूप बदल सकता है, लेकिन इसके साथ ही नई तकनीकी और रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने केंद्र सरकार पर शिक्षा में एआई को लेकर पर्याप्त पहल नहीं करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पंजाब इस क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।