मुंबई, 22 जुलाई
दिल्ली में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज को लेकर अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी करते हुए दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की आलोचना की और लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों की तुलना अमेरिका की इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एन्फोर्समेंट (ICE) एजेंसी के अधिकारियों से की। साथ ही उन्होंने प्रदर्शन कर रहे छात्रों से हिम्मत न हारने और अपनी लड़ाई जारी रखने की अपील की।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के एक दिन बाद नसीरुद्दीन शाह का यह वीडियो सामने आया। यह वीडियो मंगलवार रात CJP के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया गया। उर्दू में दिए गए अपने संदेश में उन्होंने कहा, “अगर एक जाहिल इस मुल्क की रहनुमाई करे तो उसका दिल यही चाहेगा कि पूरा मुल्क उसी की तरह जाहिल, नासमझ, नाकाबिल और बेरहम बने।”
छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए नसीरुद्दीन शाह ने कहा कि प्रदर्शन की तस्वीरें देखकर उनका दिल दुख और गुस्से से भर गया। उन्होंने कहा, “यह देखकर बेहद तकलीफ होती है कि हमारे बच्चों के साथ किस तरह जुल्म किया जा रहा है। मुंह पर नकाब लगाए और हाथ में डंडा लिए ये लोग मुझे अमेरिका के ICE एजेंट्स की याद दिलाते हैं। कभी अपने बच्चों के बारे में भी सोचो और यह भी याद रखो कि एक दिन हर किसी को अपने कर्मों का परिणाम भुगतना पड़ता है।”
अपने वीडियो संदेश के अंत में अभिनेता ने छात्रों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि उन्हें देश की युवा पीढ़ी पर हमेशा भरोसा रहा है। उन्होंने कहा, “मैं सभी छात्रों से कहना चाहता हूं कि हिम्मत मत हारिए। बहुत से लोगों की सहानुभूति और समर्थन आपके साथ है। आप अपनी लड़ाई जारी रखिए। मुझे हमारे देश के युवाओं से हमेशा उम्मीद रही है और अब वह उम्मीद पहले से भी ज्यादा मजबूत हो गई है। हम आपके साथ हैं।”
दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस और प्रशासन का कहना है कि सोमवार को नई दिल्ली क्षेत्र में CJP के प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने आक्रामक और हिंसक व्यवहार किया। अधिकारियों के अनुसार, कई बार समझाने और चेतावनी देने के बावजूद प्रदर्शनकारी नहीं माने और लागू सुरक्षा नियमों का उल्लंघन किया, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई करनी पड़ी।
वहीं प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने बिना किसी भेदभाव के लाठीचार्ज किया, जिससे कई छात्र और प्रदर्शनकारी घायल हुए। सोशल मीडिया पर सामने आए कई वीडियो में पुलिस द्वारा लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किए जाने का दावा किया गया है। प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग सिविल कपड़ों में आकर भी उनके साथ मारपीट कर रहे थे। दोनों पक्षों के दावों के बीच पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज हो गई है।